Yeh content dharmik aur tantrik parampara par aadharit hai. Options
मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
* लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर हो जाती हैं।
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।
In click here the event the worship approach to Gupt Navratri is done with complete devotion, restraint, and secrecy, then it could not only go ahead and take seeker to spiritual heights. But it surely can also provide Vijayshri by liberating him from quite a few challenges of lifestyle. If you'd like to know more details on the Gupt Navratri puja vidhi, then discuss with astrologers.
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।